अधर्म – पाप, अनाचार, अनीति, अन्याय, अपकर्म, जुल्म, । यश – ख्याति, कीर्ति, प्रसिद्धि, प्रशंसा, बड़ाई, नाम। मेरा विचार तो ये है कि जब भी अवसर मिले इनका प्रयोग अपने लेखन-कौशल को बढ़ाने के लिए करते रहना चाहिए. सूर्य – दिनकर, सूरज, अंशुमान, रवि, प्रभाकर
अधर्म – पाप, अनाचार, अनीति, अन्याय, अपकर्म, जुल्म, । यश – ख्याति, कीर्ति, प्रसिद्धि, प्रशंसा, बड़ाई, नाम। मेरा विचार तो ये है कि जब भी अवसर मिले इनका प्रयोग अपने लेखन-कौशल को बढ़ाने के लिए करते रहना चाहिए. सूर्य – दिनकर, सूरज, अंशुमान, रवि, प्रभाकर